सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के वकील ज़फरयाब जिलानी ने कहा कि हम फैसले से संतुष्ट नहीं है, हमारे दावे पर गौर नहीं किया गया, हम दूसरी जगह पर मंदिर को स्वीकार नहीं करते है। उच्चतम न्यायालय से भी गलती हो सकती है, पूरे फैसले के अध्ययन के बाद हम पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।